
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सनसनीखेज बयान दिया है कि वे देश के प्रति बेईमानी करने वालों या बड़ा खतरा बनने वालों की नागरिकता एक झटके में छीन सकते हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए हालिया इंटरव्यू में उन्होंने इसे स्पष्ट कहा, जिसका पूरा रिकॉर्ड रविवार को जारी हुआ।
प्रवासी अमेरिकियों की नागरिकता पर सीधा सवाल पूछे जाने पर ट्रंप ने पलटवार किया, ‘अगर जरूरी हो तो मैं निश्चित रूप से ऐसा करूंगा। हां।’ और गति पर जब जिज्ञासा हुई तो बोले, ‘तुरंत कर दूंगा।’ नेचुरलाइज्ड सिटिजनशिप यानी विदेश में जन्मे लोग जो कानूनी प्रक्रिया से अमेरिकी बने, उनके सभी अधिकार बरकरार हैं।
ट्रंप प्रशासन मानदंड बना रहा है, जिसमें देशभक्ति और सच्चाई मुख्य हैं। ओवल ऑफिस में चली लंबी बातचीत में उन्होंने सोमाली मूल के अमेरिकियों पर निशाना साधा। सोमालिया को दुनिया के सबसे खराब देशों में गिना और वहां से आए लोगों को अमेरिका में गंभीर परेशानियां पैदा करने वाला ठहराया।
सोमाली समुदाय को निशाना बनाने पर ट्रंप ने कहा, ‘अगर बेईमान हों तो जरूर।’ मिनेसोटा की डेमोक्रेट सांसद इल्हान उमर का नाम लेते हुए बोले कि उन्हें तत्काल कांग्रेस से हटाकर सोमालिया भेज देना चाहिए। उनकी नागरिकता? ‘बिल्कुल छीन लेनी चाहिए।’
रिपोर्टरों ने सबूतों की कमी पर सवाल उठाए, खासकर उमर पर व्यक्तिगत आरोपों पर। ट्रंप ने खारिज कर दिया। समुदायों को एक ही ब्रश से रंगने की आलोचना? ‘मुझे परवाह नहीं। देशभक्त लोग चाहिए जो अमेरिका से प्यार करें।’
जज रुकावट डाल सकते हैं लेकिन सीमा और सुरक्षा पर उनका अधिकार विस्तृत है। उन्होंने इंसरैक्शन एक्ट का जिक्र किया जो अशांति में सेना तैनाती की अनुमति देता है। यह बयान प्रवासन नीति, निर्वासन और अधिकारों पर जारी बहस के बीच आया है। कानून में नागरिकता छीनना दुर्लभ है, धोखे के पक्के प्रमाण और अदालत जरूरी। ट्रंप की यह सोच बहस छेड़ रही है।