
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बॉर्डर जार टॉम होमन ने आईसीई की हालिया गिरफ्तारियों पर तानाशाही के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मिनियापोलिस समेत कई जगहों पर एजेंसी के रवैये की आलोचना हो रही है, लेकिन होमन ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि यह ‘बहुत अजीब’ है।
उन्होंने सैंक्चुअरी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया, जो जेलों के बजाय समुदायों में खोजबीन के लिए मजबूर कर रही हैं। ‘बाइडेन सरकार ने लाखों अवैध प्रवासियों को बिना जांच के आने दिया, जिनमें कई अपराधी थे। अब ट्रंप की मुहिम में आईसीई हजारों को पकड़ रही है।’
ट्रंप के ‘लाखों हत्यारों’ वाले दावे पर होमन ने आंकड़े न होने का हवाला दिया, लेकिन बताया कि गिरफ्तारों में 65-70 प्रतिशत अपराधी हैं। ट्रंप के सत्ता में आने के बाद 6.5 लाख औपचारिक डिपोर्टेशन हो चुके हैं।
एजेंट्स पर खतरे बढ़े हैं—मौत की धमकियां 8000 प्रतिशत, हमले 1300 प्रतिशत ज्यादा। होमन के परिवार को मिलने वाली धमकियां तीन गुना हो गईं। सैंक्चुअरी रिलीज से समुदायों में जोखिम बढ़ता है।
होमन का बयान प्रवर्तन की सख्ती को सही ठहराता है, जो अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी है।