
व्हाइट हाउस में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एआई क्षेत्र में अमेरिका की स्पष्ट श्रेष्ठता का दावा किया। ‘रेटपेयर प्रोटेक्शन प्लेज’ पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इंफ्रास्ट्रक्चर में अमेरिका चीन से काफी आगे है।
ट्रंप ने जोर देकर कहा, ‘एआई में हम दुनिया के नेता हैं। चीन से आगे हैं।’ उन्होंने इसे महाशक्तियों के बीच रणनीतिक संघर्ष करार दिया, जहां तकनीकी बढ़त सैन्य शक्ति सुनिश्चित करेगी। ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने भी सहमति जताई कि एआई में नेतृत्व करने वाला देश ही सैन्य महाशक्ति बनेगा।
चीन की वैश्विक पवन ऊर्जा बाजार पर पकड़ की कड़ी आलोचना करते हुए ट्रंप ने कहा कि बीजिंग सभी विंड टर्बाइन बनाता है और इन्हें यूरोप को बड़े पैमाने पर बेचता है। यूरोपीय देश नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के तहत इन्हें खरीद रहे हैं, लेकिन ट्रंप का मानना है कि यह अपेक्षित सफलता नहीं दिला पा रहा। साथ ही, उन्होंने इंगित किया कि चीन स्वयं घरेलू स्तर पर इतनी निर्भरता नहीं रखता।
चीन के ऊर्जा विस्तार को स्वीकार करते हुए ट्रंप ने अमेरिका की समान प्रयासों का जिक्र किया, जो एआई डेटा सेंटर्स के लिए बिजली उत्पादन बढ़ाने पर केंद्रित हैं। उन्होंने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के बदलाव पर भी प्रकाश डाला। कनाडा, मैक्सिको, जर्मनी, जापान और दक्षिण कोरिया की ऑटो कंपनियां व्यापार नीतियों के दबाव में अमेरिका में प्लांट लगा रही हैं।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी अमेरिका घरेलू चिप निर्माण को पुनर्जीवित कर रहा है। ट्रंप की यह रणनीति अमेरिका को तकनीक, ऊर्जा और विनिर्माण में अव्वल बनाए रखने का लक्ष्य रखती है।