
बैंकॉक। होर्मुज जलडमरूमध्य में थाई जहाज पर प्रोजेक्टाइल हमले के बाद थाईलैंड ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान के राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब कर लिया है। थाई झंडे वाले मालवाहक जहाज ‘मयूरी नारी’ पर हुए इस हमले से जहाज में भीषण आग लग गई, जिसके कारण चालक दल के 23 सदस्यों को जहाज छोड़ना पड़ा। बचाव कार्य में 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
विदेश मंत्रालय के उपस्थायी सचिव सिरिलक ने राजदूत से मुलाकात में घटना पर गहरी चिंता जताई। थाईलैंड ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और तेहरान से औपचारिक माफी की मांग की है। साथ ही, हमले के समय की सटीक परिस्थितियों का पूरा ब्योरा मांगा गया। मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने, कूटनीतिक संवाद बहाल करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
यह 178 मीटर लंबा और 30,000 टन वजनी जहाज थाई कंपनी प्रेशियस शिपिंग का है, जो भारत के कांडला बंदरगाह जा रहा था। ओमान के उत्तर में करीब 11 नॉटिकल मील दूर यह हमला हुआ। समुद्री एजेंसियों के अनुसार, ईरान से सटे इस रणनीतिक जलमार्ग में तीन जहाजों पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसमें थाई जहाज सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ।
तसनीम न्यूज एजेंसी ने ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के हवाले से पुष्टि की कि जहाज को निशाना बनाया गया। ईरान का कहना है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को अनुमति लेनी चाहिए। यह घटना वैश्विक तेल व्यापार के इस महत्वपूर्ण गलियारे में बढ़ते खतरे को रेखांकित करती है। थाईलैंड की इस कार्रवाई से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब शांति बहाली की उम्मीद कर रहा है।