
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) में बड़ा बदलाव आया है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के बाद उनके बेटे तारिक रहमान ने पार्टी की कमान संभाल ली है। पार्टी की स्थायी समिति ने ढाका के गुलशन कार्यालय में शुक्रवार रात हुई बैठक में तारिक को चेयरमैन बनाने का सर्वसम्मति से फैसला किया।
बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बैठक के बाद मीडिया को इसकी पुष्टि की। यह निर्णय पार्टी संविधान के अनुसार लिया गया, जो जिया परिवार की राजनीतिक विरासत को मजबूत करता है।
तारिक का राजनीतिक सफर 1980 के दशक के इरशाद विरोधी आंदोलन से शुरू हुआ, जब वे अपनी मां के साथ सड़कों पर उतरे। 1988 में वे गबताली उपजिला इकाई के सामान्य सदस्य बने। 1991 के चुनाव से पहले उन्होंने पूरे देश में जिया के साथ प्रचार अभियान चलाया।
1993 में बोगुरा जिला इकाई का सम्मेलन आयोजित कर उन्होंने गुप्त मतदान से नेतृत्व चुना, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मॉडल बना। 2002 में सीनियर संयुक्त सचिव बने और 2005 में देशव्यापी जमीनी सम्मेलनों का आयोजन किया।
2007 के ‘वन-इलेवन’ काल में गिरफ्तारी के बाद चिकित्सा के नाम पर विदेश निर्वासित कर दिए गए। 17 वर्ष बाद 25 दिसंबर 2025 को लौटे। 2018 में मां की जेल के दौरान कार्यवाहक अध्यक्ष बने।
आवामी लीग के शासन के खिलाफ बीएनपी की लड़ाई में तारिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनकी वापसी से विपक्ष में नई ऊर्जा का संचार होगा।
