
ढाका, 6 जनवरी। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने 1971 के मुक्ति संग्राम को बांग्लादेश के अस्तित्व की आधारशिला बताया है। बीएनपी अध्यक्ष कार्यालय में वामपंथी दलों के गठबंधन डेमोक्रेटिक यूनाइटेड फ्रंट (डीयूएफ) के नेताओं के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ इस युद्ध ने ही देश को एक स्वतंत्र राष्ट्र का स्वरूप दिया।
“मुक्ति संग्राम बांग्लादेश को एक राज्य और उसकी राजनीति की नींव है। 1971 के बिना देश की कल्पना असंभव है,” तारिक ने कहा। सरकारी एजेंसी बीएसएस ने उनकी यह टिप्पणी दर्ज की।
हालिया जनआंदोलनों से उपजी नई राजनीतिक संभावनाओं का उपयोग करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए सरकार, विपक्ष सबको एकजुट होना होगा। राष्ट्रीय एकता पर बल देते हुए उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर दिया।
बैठक में डीयूएफ नेताओं ने 30 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त किया। चर्चा में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई गई। तारिक ने निष्पक्ष चुनाव के लिए एकता का संदेश दिया।
बैठक के बाद बांग्लादेश समाजतांत्रिक दल के महासचिव बाजलुर राशिद फिरोज ने बताया कि तारिक ने लौटने के बाद अपने भाषणों में मुक्ति संग्राम को देश की नींव बताया। 17 वर्ष के स्व-निर्वासन के बाद 25 दिसंबर को परिवार संग ढाका लौटे तारिक की वापसी चुनाव आयोग की 12 फरवरी 2026 को होने वाले 13वें संसदीय चुनाव की घोषणा के साथ संयोग बनी है।
विश्लेषकों का मानना है कि यूनुस सरकार के तहत यह वापसी चुनावी निष्पक्षता की कसौटी बनेगी। तारिक का संदेश इतिहास और भविष्य को जोड़ता है।
