
काबुल। तालिबान ने पाकिस्तान से अफगान शरणार्थियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई है। उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने ऑडियो संदेश में कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा गिरफ्तारियां और उत्पीड़न बढ़ रहा है, जिससे शरणार्थी परेशान हैं। रविवार को पझवोक अफगान न्यूज ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया।
फितरत ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों से शरणार्थी संरक्षण सिद्धांतों को सुनिश्चित करने और उल्लंंघन करने वाले देशों में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने अफगानिस्तान वापसी के लिए आर्थिक सहायता पर जोर दिया। पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन कर शरणार्थियों को परेशान करने से रोकना चाहिए, उन्होंने कहा।
यूएनएचसीआर और आईओएम की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 के प्रारंभिक 10 दिनों में पाकिस्तान में अफगान नागरिकों की गिरफ्तारियां 18 प्रतिशत बढ़ीं, खासकर पिशिन, चमन और इस्लामाबाद में।
इसके अलावा, अफगान पत्रकारों की गिरफ्तारियों पर मीडिया संगठन एएमएसओ ने चिंता जताई। इस्लामाबाद में अब्दुल रहमान मंगल व अस्मा मोहम्मदी तथा पेशावर में समीम नईमी को हिरासत में लिया गया। एएमएसओ ने इन्हें तत्काल रिहा करने और उत्पीड़न रोकने की मांग की।
पाकिस्तान ने पिछले साल हजारों अफगान प्रवासियों को वापस भेजा, जिनमें पत्रकार शामिल हैं। 2021 में तालिबान सत्ता में आने के बाद मीडिया पर पाबंदियों से बचने कई पत्रकार पाकिस्तान गए थे। यह विवाद दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित कर सकता है।