
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में एक भयानक आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया। बॉन्डी बीच पर हनुक्का पर्व की शुरुआत के मौके पर आयोजित एक समारोह के दौरान गोलियां चलाई गईं, जिसमें 12 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में हमलावर भी शामिल है। इस हमले में 29 लोग घायल भी हुए हैं।
यह हमला “चानुकह बाई द सी” (Hanukkah by the Sea) नामक कार्यक्रम के पास हुआ, जहाँ सिडनी का यहूदी समुदाय हनुक्का के पहले दिन का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुआ था। सोशल मीडिया पर आए वीडियो फुटेज में दो हमलावर काले कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जो एक पुल से राइफल से फायरिंग कर रहे थे।
हनुक्का क्या है?
हनुक्का यहूदी धर्म का आठ दिवसीय प्रकाश पर्व है, जो मैकबी की जीत और तेल के चमत्कार की याद में मनाया जाता है। यहूदियों का यह पर्व अंधेरे पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।
पीड़ितों में एक प्रमुख हस्ती: रब्बी एली श्लैंगर
हमले में मारे गए लोगों में से एक रब्बी एली श्लैंगर थे, जो बॉन्डी में चाबाद (Chabad of Bondi) के सहायक रब्बी थे। वे एक समर्पित पति, पिता और यहूदी समुदाय के सक्रिय सदस्य थे। वे अपनी पत्नी और चार बच्चों को पीछे छोड़ गए हैं।
पुलिस कार्रवाई और हमलावर
पुलिस ने घटनास्थल पर एक हमलावर को मार गिराया, जबकि दूसरे को पकड़ लिया गया है। खबर के अनुसार, हमलावरों में से एक 24 वर्षीय पाकिस्तानी मूल का व्यक्ति था, जिसकी पहचान नवीद अकरम के रूप में हुई है। वह सिडनी का निवासी था और हाल ही में अपनी नौकरी गंवा चुका था।
नागरिक नायक: अहमद अल अहमद
इस दुखद घटना में एक नागरिक, अहमद अल अहमद, ने बहादुरी का परिचय दिया। 43 वर्षीय फल विक्रेता और दो बच्चों के पिता, अहमद ने एक हमलावर से बंदूक छीनने की कोशिश की। इस दौरान उन्हें दो गोलियां लगीं, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं और उनकी सर्जरी होनी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने की हमले की निंदा
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिडनी में हुए इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
