
सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए भयावह गोलीबारी की जांच में 24 वर्षीय नवेद अकरम का नाम एक प्रमुख व्यक्ति के तौर पर सामने आया है। इस घटना को ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने आतंकवादी हमला घोषित कर दिया है।
सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी और कानून प्रवर्तन सूत्रों के अनुसार, नवेद अकरम सिडनी के अल-मुराद इंस्टीट्यूट में एक छात्र के रूप में पहचाना गया है। उसकी कुछ तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं, जिसमें वह संभवतः एक आधिकारिक लाइसेंस फोटो के लिए पाकिस्तानी क्रिकेट जर्सी पहने हुए दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के विश्वविद्यालयों में भी पढ़ाई की है।
अधिकारियों का कहना है कि अकरम बॉन्डी बीच पर हुए इस हमले में शामिल दो बंदूकधारियों में से एक था। इस हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि एक हमलावर को मौके पर ही मार गिराया गया, जबकि दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
रविवार शाम को, ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने सिडनी के बॉनीरिग उपनगर में अकरम के आवास पर छापा मारा, जो चल रही जांच का हिस्सा है।
घटनास्थल पर एक बहादुर राहगीर की फुटेज भी सामने आई है, जिसमें वह निहत्थे होते हुए भी एक बंदूकधारी की ओर बढ़ता है, उसे पीछे से पकड़ता है, उसकी राइफल छीन लेता है और भगदड़ मचाने वाले लोगों के बीच और अधिक हताहतों को रोकता है। हालांकि, फुटेज में दिख रहे हमलावर की पहचान की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
न्यू साउथ वेल्स पुलिस कमिश्नर माल लैनियन ने पुष्टि की है कि इस गोलीबारी को आतंकवादी हमला माना गया है। हमलावरों ने स्थानीय समयानुसार शाम 6:30 बजे के ठीक बाद गोलीबारी की, जब सैकड़ों लोग बॉन्डी बीच पर ‘हनुक्का बाय द सी’ कार्यक्रम में भाग ले रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब लगातार गोलियों की आवाज गूंजी तो बीच पर परिवार और पर्यटक मौजूद थे। गोलियों की आवाज से अफरा-तफरी मच गई और लोग चीखते-चिल्लाते जान बचाने के लिए भागने लगे। यह हमला हनुक्का, आठ दिवसीय यहूदी त्योहार के पहले दिन हुआ था।
