
स्वीडन सरकार ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा की भयावह समस्या से निपटने के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने स्टॉकहोम में आयोजित प्रेस वार्ता में घोषणा की कि वह ‘क्विनोफ्रिड’ नामक नई मंत्रिस्तरीय परिषद की अध्यक्षता करेंगे। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी हिंसा, पारिवारिक हिंसा और सम्मान हत्याओं जैसी बुराइयों पर अंकुश लगाना है।
क्रिस्टर्सन ने बताया कि कैबिनेट ने पहले ही पैरोल नियमों को कठोर बनाने और दोहराव वाले अपराधियों के मूल्यांकन को मजबूत करने का निर्णय ले लिया है। यह पहल तब जोर पकड़ रही है जब दिसंबर 2025 में रॉनिंगे और बोडेन में दो दिल दहला देने वाली घटनाएं घटीं। रॉनिंगे में 26 दिसंबर को लापता 25 वर्षीय महिला का शव अगले दिन मिला, जिसे हत्या का मामला बनाया गया। वहीं बोडेन में क्रिसमस के दिन एक महिला की क्रूरता से हत्या हो गई।
न्याय मंत्री गुन्नार स्ट्रोमर ने कहा, ‘स्वीडन में महिला होना घातक नहीं होना चाहिए। खतरनाक पुरुषों को कैद कर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना जरूरी है।’ ‘क्विनोफ्रिड’ शब्द 13वीं शताब्दी के शांति कानूनों से प्रेरित है, जो महिलाओं पर हमलों को रोकने के लिए बनाए गए थे। यह परिषद न केवल तात्कालिक उपाय लाएगी बल्कि लंबे समय तक सामाजिक परिवर्तन सुनिश्चित करेगी।