
लंदन, 9 जनवरी। स्टॉर्म गोरेटी ने 8-9 जनवरी 2026 को यूरोप को अपनी चपेट में ले लिया है। यह शक्तिशाली ‘वेदर बम’ अटलांटिक से उठा और ब्रिटेन, फ्रांस सहित पश्चिमी देशों में तेज हवाओं, भारी बर्फबारी, मूसलाधार बारिश व समुद्री लहरों का कहर बरपा दिया।
ब्रिटेन के मेट ऑफिस ने कॉर्नवाल व आइल्स ऑफ सिली में 100 मील प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के खतरे से रेड अलर्ट जारी किया, जो ‘जान को खतरा’ का संकेत देता है। केंद्रीय इंग्लैंड व वेल्स में 30 सेंटीमीटर तक बर्फबारी की चेतावनी amber व yellow अलर्ट में दी गई।
यातायात ठप्प हो गया। ट्रेनें रद्द, हवाई अड्डों पर रनवे बंद, हीथ्रो पर ब्रिटिश एयरवेज ने 25 प्रस्थान व 27 आगमन रद्द किए। फ्रांस के इल-दी-फ्रांस में बसें ठहर गईं। सड़कें बर्फ से चपचापातीं, यात्रा जानलेवा।
विशेषज्ञों ने इसे ‘व्यापक व घातक’ मौसम घटना बताया। प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाएं तेज कर दीं। बिजली गुल, बाढ़ का खतरा। लोग घरों में कैद, स्कूल बंद। यह तूफान जलवायु परिवर्तन की भयावहता का प्रतीक है, जिसके लिए लंबी तैयारी जरूरी।