
नई दिल्ली में गुरुवार को श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ की दस्तक ने भारत-श्रीलंका संबंधों को नई गति प्रदान की। विदेशी रोजगार एवं पर्यटन मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभालने वाले हेराथ रायसीना डायलॉग 2026 में शिरकत के लिए यहां पहुंचे, जो आज से शुरू हो रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर स्वागत संदेश जारी करते हुए कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच निकटतम साझेदारी है, जो जन-जन के गहरे बंधनों पर टिकी हुई है। यह साझेदारी बहुआयामी है और दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
भारत का प्रमुख भू-राजनीतिक एवं भू-आर्थिक सम्मेलन रायसीना डायलॉग का 11वां संस्करण अब शुरू होने जा रहा है। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन और विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित यह तीन दिवसीय आयोजन विश्व के प्रमुख नेता, नीति निर्माता और रणनीतिकारों को एक मंच पर लाता है।
2016 में शुरू हुए इस मंच ने अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा का प्रमुख केंद्र बन लिया है। पिछले वर्षों में बदलते वैश्विक समीकरण, जलवायु संकट, तकनीकी उथल-पुथल, आर्थिक मजबूती और वैश्विक शासन के भविष्य जैसे विषयों पर गहन बहस हुई।
इस बार की थीम ‘संस्कार, दावा, तालमेल, तरक्की’ वैश्विक परिवर्तनों को दर्शाती है। आयोजकों के अनुसार, संस्कार सभ्यताओं को अपनी पहचान समझने, भिन्नताओं को अपनाने और सुधारों से आगे बढ़ने में सहायक विरासत है। यह दार्शनिक आधार इस वर्ष की चर्चाओं को समृद्ध करेगा।
इससे पूर्व सेशेल्स के विदेश मंत्री बैरी फॉरे पहुंच चुके हैं। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि अमेरिका की ओर से डिप्टी सेक्रेटरी क्रिस्टोफर लैंडौ प्रतिनिधित्व करेंगे।
विश्व नेता इस मंच पर वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे, जो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।