
यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की किसी भी कोशिश का जोरदार विरोध किया है। इस बीच स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने एक साक्षात्कार में चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका इस डेनिश स्वायत्त क्षेत्र पर सैन्य हमला करता है, तो नाटो की एकजुटता खतरे में पड़ जाएगी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सबसे ज्यादा प्रसन्न होंगे।
ला वैनगार्डिया अखबार को दिए इंटरव्यू में सांचेज ने कहा कि यह कदम रूस के यूक्रेन पर 2022 के हमले को उचित ठहराने जैसा होगा, जो वैश्विक सुरक्षा के नाजुक दौर में पश्चिमी गठबंधन को कमजोर करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ताकत के बल पर इलाके हथियाने की यह खतरनाक मिसाल कायम करेगी, जिसकी निंदा रूस को लगातार झेलनी पड़ रही है।
विवाद तब भड़का जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने डेनमार्क का समर्थन करने वाले आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया। टूथ सोशल पर उन्होंने लिखा कि अमेरिका ने वर्षों तक डेनमार्क और ईयू को सब्सिडी दी बिना कोई बदला लिया। अब चीन-रूस की निगाहों में ग्रीनलैंड पर डेनमार्क के पास महज ‘दो डॉगस्लेज’ हैं।
ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर ने एक्स पर पलटवार किया कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और आर्कटिक सुरक्षा नाटो का साझा मुद्दा। सहयोगियों पर टैरिफ गलत है, वे अमेरिका से सीधे बात करेंगे।
ईयू ने 27 देशों के राजदूतों की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। साइप्रस की अगुवाई में यह रविवार को होगी। आर्कटिक के संसाधनों पर नजरें तरेरते चीन-रूस के बीच यह तनाव नाटो के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। सांचेज की यह चेतावनी पश्चिमी एकता बचाने की अपील है।