
नारा, जापान। बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने मंगलवार को जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से कहा कि दोनों देशों के रिश्ते अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। नारा में आयोजित शिखर सम्मेलन में ली ने जापान के कोरियाई प्रायद्वीप पर कब्जे के दुखद इतिहास को पीछे छोड़ते हुए भविष्योन्मुखी सहयोग पर जोर दिया।
ली ने वार्ता की शुरुआत में कहा, ‘जटिल और तेजी से परिवर्तित अंतरराष्ट्रीय माहौल में कोरिया-जापान सहयोग अत्यंत आवश्यक है।’ उन्होंने इस महीने बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात का जिक्र किया, जो टोक्यो-बीजिंग तनाव के चरम पर हुई थी।
ली ने राजनयिक संबंध सामान्य होने के बाद 60 वर्षों में रिश्तों के सुधार पर संतोष जताया। इशिबा ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ली के साथ मिलकर काम करने का वादा किया और उम्मीद जताई कि यह यात्रा सियोल-टोक्यो संबंधों को मजबूत करेगी।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति और जन-जन संपर्कों में सहयोग बढ़ाने की बात हुई। ली ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, बहुपक्षवाद की चुनौतियों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के हथियारीकरण पर चिंता जताई। उन्होंने आपसी विश्वास पर आधारित साझेदारी की अपील की।
‘शटल डिप्लोमेसी’ के तहत यह मुलाकात ग्योंगजू एपेक और दक्षिण अफ्रीका जी-20 के बाद हुई। ये प्रयास एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।