
सोल की नेशनल असेंबली ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अमेरिका में 350 अरब डॉलर के विशाल निवेश को मंजूरी देने वाले विशेष कानून को पूर्ण सत्र में सर्वसम्मति से पारित कर दिया। यह ‘दक्षिण कोरिया-अमेरिका सामरिक निवेश प्रबंधन विशेष अधिनियम’ सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा तीन माह पूर्व पेश किया गया था और विपक्षी पीपल पावर पार्टी ने भी इसे भरपूर समर्थन दिया।
यह विधेयक पिछले नवंबर में सोल और वाशिंगटन के बीच हुए व्यापारिक एवं सुरक्षा समझौते का प्रत्यक्ष परिणाम है। पारित होने के तुरंत बाद राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे बिना विलंब कानून को अमल में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि यह निवेश दोनों देशों की आर्थिक प्रगति, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा को सशक्त बनाएगा।
निवेश का दायरा सेमीकंडक्टर, जहाज निर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों तक फैला हुआ है, जो कुल 517 ट्रिलियन वॉन के बराबर है। इसके संचालन के लिए कोरिया-यूएस सामरिक निवेश निगम नामक नई सरकारी कंपनी गठित होगी, जिसमें सरकार 2 ट्रिलियन वॉन का प्रारंभिक पूंजी निवेश करेगी।
जोखिम प्रबंधन समिति गठित कर निवेश परियोजनाओं की निगरानी की जाएगी और संसद को प्रमुख निर्णयों की सूचना दी जाएगी। निगम में 50 कर्मचारी कार्यरत होंगे, जबकि निदेशक मंडल के सदस्यों के लिए वित्त या रणनीतिक उद्योगों में न्यूनतम 10 वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा, ताकि पक्षपातपूर्ण नियुक्तियां रोकी जा सकें।
ट्रंप प्रशासन की पारस्परिक शुल्क लगाने की चेतावनी के जवाब में यह कदम उठाया गया है। दक्षिण कोरिया अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत रखकर संभावित संकटों से बचना चाहता है। 9 मार्च को विशेष समिति, 11 मार्च को विधायी एवं न्याय समिति और 12 मार्च को पूर्ण सत्र में मंजूरी मिलने से यह अब कानून बन चुका है। यह कोरिया-अमेरिका संबंधों में मील का पत्थर साबित होगा।