
सोल। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने शनिवार को उत्तर कोरिया द्वारा लगाए गए ड्रोन घुसपैठ के आरोपों की तत्काल जांच के निर्देश जारी किए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये दावे सत्य साबित हुए तो यह कोरियाई प्रायद्वीप की शांति और देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित होगा।
उत्तर कोरिया ने सितंबर 2025 और जनवरी 2026 में दक्षिण कोरिया द्वारा उसके हवाई क्षेत्र में जासूसी ड्रोन भेजे जाने का आरोप लगाया है। प्योंगयांग की कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने 4 जनवरी को एक ड्रोन को मार गिराने और 27 सितंबर को पाजू के पास मलबे की तस्वीरें जारी करने का दावा किया।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। रक्षा मंत्री अहन ग्यू-बैक ने कहा कि जारी तस्वीरें दक्षिण कोरियाई सेना के ड्रोन से मेल नहीं खातीं और ये दावे बेबुनियाद हैं।
राष्ट्रपति ली ने स्पष्ट किया कि अगर ड्रोन निजी व्यक्ति या समूह द्वारा उड़ाए गए हों तब भी यह अपराध होगा। उन्होंने सेना और पुलिस को तेजी से जांच पूरी करने का आदेश दिया।
जून 2025 में सत्ता संभालने वाले ली प्रशासन ने उत्तर कोरिया के साथ संबंध बेहतर करने की कोशिश की, लेकिन प्योंगयांग ने इन्हें ठुकरा दिया और तनाव बढ़ाने की चेतावनी दी।
यह घटना प्रायद्वीप पर मौजूदा तनाव को और गहरा सकती है, जहां पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के समय के ड्रोन मामलों की जांच जारी है। दोनों देशों के बीच संवादहीनता चिंता का विषय बनी हुई है।
