
सोल की अदालत ने दक्षिण कोरिया के पूर्व गृह मंत्री ली सांग-मिन को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला गुरुवार को लाइव प्रसारित हुआ, जिसमें कोर्ट ने उन्हें 2024 के मार्शल लॉ लगाने की असफल साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए दोषी ठहराया।
पूर्व राष्ट्रपति यून सुख योल के इस विवादास्पद कदम में ली की संलिप्तता साफ उजागर हुई। विशेष अभियोजक चो यून-सुक ने 15 साल की सजा की मांग की थी, जिसमें पुलिस और अग्निशमन सेवाओं को सरकारी आलोचना करने वाले मीडिया के बिजली-पानी काटने के आदेश शामिल थे।
अगस्त में गिरफ्तार हुए ली पर यून के महाभियोग ट्रायल में झूठी गवाही देने का भी आरोप था। अंतिम बयान में उन्होंने इनकार किया कि उन्हें कोई ऐसा दस्तावेज मिला या उन्होंने खुद निर्देश दिए। ‘भले ही वह कार्रवाई विद्रोह हो, लेकिन बिना किसी पूर्व जानकारी के कुछ मिनटों में साजिश में शामिल हो जाना असंभव है,’ उन्होंने भावुक होकर कहा।
इससे पहले 28 जनवरी को यून की पत्नी किम किओन ही को यूनिफिकेशन चर्च से महंगे उपहार लेने के लिए एक साल आठ माह की सजा मिली। कईयों ने इसे हल्का बताया, खासकर शेयर बाजार और राजनीतिक फंड उल्लंघन के मामलों में बरी होने पर।
ये फैसले दक्षिण कोरिया की राजनीति में जवाबदेही की नई मिसाल कायम करते हैं, जहां न्यायपालिका ने लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दिखाया है। आगे की जांचें इस घटनाक्रम को और स्पष्ट करेंगी।