
केप टाउन की सड़कों पर शुक्रवार को भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए, जब उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिका की कथित सैन्य कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की तत्काल रिहाई का नारा लगाया, जिन्हें 3 जनवरी को कथित तौर पर गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया।
शहर के केंद्र ऐडरले स्ट्रीट पर दोपहर में भारी भीड़ जमा हो गई। हाथों में ‘अमेरिकी साम्राज्यवाद समाप्त करो’ और ‘वेनेजुएला से अमेरिका बाहर’ जैसे स्लोगन वाली तख्तियां थामे लोग ‘फ्री मादुरो’ और ‘फ्री वेनेजुएला’ के नारे लगा रहे थे। दक्षिण अफ्रीकी बीडीएस गठबंधन ने 6 फरवरी को प्रस्तावित वैश्विक विरोध दिवस में भाग लेने का आह्वान किया, जो फिलिस्तीन और वेनेजुएला के समर्थन में है।
गठबंधन ने अमेरिकी कार्रवाई को खुला साम्राज्यवादी हमला करार दिया, जो दुनिया को युद्ध और तबाही की ओर धकेल रहा है। इस घटना पर वैश्विक स्तर पर निंदा हो रही है।
75 वर्षीय सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट माइकल टाइटस ने कहा, ‘यह पूरी तरह अवैध है। अमेरिका दुनिया भर में दबंगई करता है।’ उन्होंने दबाव बनाए रखने की जरूरत बताई, ‘प्रदर्शन जारी रखेंगे ताकि अमेरिका दूर हो जाए।’
छात्र कार्यकर्ता फारीक थीबा ने चेतावनी दी, ‘यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। वेनेजुएला सिर्फ शुरुआत है, दक्षिण अफ्रीका भी निशाने पर हो सकता है।’ उन्होंने ग्लोबल साउथ की एकजुटता की उम्मीद जताई।
केप टाउन का यह प्रदर्शन अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ बढ़ते वैश्विक आक्रोश को दर्शाता है, जो मादुरो की रिहाई और साम्राज्यवाद विरोध की मांग को तेज कर रहा है।