
नई दिल्ली, 7 जनवरी। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान के 17 साल के वनवास के बाद देश लौटने पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आईएएनएस को दिए विशेष इंटरव्यू में हसीना ने कहा कि यह वापसी किसी बदलाव या सुधार का संकेत नहीं है, बल्कि राजनीतिक विभाजन को और गहरा कर सकती है।
हसीना ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘तारिक की यह वापसी नया दौर शुरू करने वाली नहीं है। यह वही पुरानी राजनीति है जिसने बांग्लादेश को भारी नुकसान पहुंचाया।’ शेख मुजीबुर रहमान की बेटी ने तारिक पर ब्रिटेन में आरामदायक जीवन बिताने का आरोप लगाया, जो आम बांग्लादेशी की जिंदगी से कोसों दूर था। यह सब भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों से बचने के लिए किया गया।
तारिक, जो जियाउर रहमान और खालिदा जिया के बेटे हैं, को हसीना सरकार ने समानांतर सत्ता केंद्र चलाने का दोषी ठहराया था। वर्तमान में देश में हिंसा चरम पर है, कट्टरपंथी बेलगाम हो चुके हैं। बीएनपी के चुनाव बहिष्कार के कारण तारिक पर सबकी नजर टिकी है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बहस तेज हो गई है, क्योंकि खालिदा शासन में ये तनावपूर्ण रहे। तारिक खुद को संप्रभुता का रक्षक बता रहे हैं। लेकिन हसीना का मानना है कि उनकी मौजूदगी ध्रुवीकरण बढ़ाएगी। उन्होंने बीएनपी कार्यकर्ताओं द्वारा धमकियों की लहर पर चिंता जताई, जो अवामी लीग समर्थकों को वोट के लिए मजबूर कर रही है।
सर्वे में तारिक अगले प्रधानमंत्री की दौड़ में आगे हैं, लेकिन हसीना ने कहा, ‘भ्रष्टाचार, हिंसा और कट्टरवाद से जुड़ी विरासत पर देश का भविष्य नहीं बन सकता।’ नेतृत्व में पारदर्शिता और जनता से जुड़ाव जरूरी है, न कि विदेश से निर्देश देना। बांग्लादेश के भविष्य पर नजरें टिकी हैं।