
ढाका के बदलते राजनीतिक परिदृश्य में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भरोसा जताया है। अवामी लीग अध्यक्ष ने विशेष ईमेल साक्षात्कार में कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की जड़ें इतनी गहरी हैं कि वर्तमान मुश्किलें इन्हें हिला नहीं सकतीं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतवासियों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। हसीना ने कहा, ‘भारत हमारा सबसे नजदीकी पड़ोसी और साझीदार है। इतिहास, भूगोल, सहयोग और क्षेत्रीय शांति की साझा सोच हमें बांधती है।’
एक स्थिर लोकतांत्रिक बांग्लादेश दोनों के हित में है, उनका मानना है। उन्होंने भारत के लोकतंत्र, अल्पसंख्यक सुरक्षा और स्थिरता पर जोर को सही ठहराया। ‘बांग्लादेश को ऐसी सरकार चाहिए जो जनता की पसंद को प्रतिबिंबित करे।’
मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले और भारतीय मिशनों पर प्रहार बढ़े हैं। 12 फरवरी को चुनाव हैं, लेकिन सुरक्षा बिगड़ रही है और राजनीतिक टकराव तेज हो रहा है।
हसीना आशावादी हैं: ‘हमारे संबंधों की नींव मजबूत है। जनता द्वारा चुनी सरकार आने पर रिश्ता और सशक्त होगा।’
भारत ने हिंदू, ईसाई, बौद्ध अल्पसंख्यकों पर हिंसा की निंदा की है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मयमनसिंह हत्याकांड की भर्त्सना की। ‘भारत-विरोधी प्रचार’ को खारिज करते हुए यूनुस सरकार से कानून-व्यवस्था की मांग की।
पिछले माह उच्चायोग को तलब कर मिशनों पर साजिशों पर चिंता जताई गई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अंतरिम काल में 2900 से ज्यादा हिंसक घटनाएं हुईं—हत्या, आगजनी, जमीन हड़पना—जिन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता।
चुनाव नजदीक हैं। हसीना का संदेश दोनों देशों के साझा भविष्य की याद दिलाता है, जहां स्थिरता और सहयोग से नई ऊंचाइयां छुई जा सकती हैं।