
अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता गुरुवार को संपन्न हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने 157-157 कैदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई, जो करीब पांच महीने बाद पहली बड़ी रिहाई है। हालांकि, क्षेत्रीय विवाद, युद्धविराम और सुरक्षा गारंटी जैसे अहम सवालों पर कोई प्रगति नहीं हुई।
वार्ता की शुरुआत तीन देशों के बीच हुई, फिर समूह चर्चाओं में बदली। यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रुस्तम उमेरोव ने सम्मानजनक शांति की मांग दोहराई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं बताया। रूस की ओर से भी कोई संयुक्त बयान नहीं आया।
अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने इसे सकारात्मक कदम बताया, लेकिन पूर्ण समाधान के लिए और मेहनत की जरूरत पर जोर दिया। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि रिहा लोगों में सैनिक व नागरिक दोनों हैं।
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने अपनी मध्यस्थता की सराहना की, खुद को विश्वसनीय ब्रोकर बताया। अगले दौर की तारीख तय नहीं, लेकिन जेलेंस्की ने अमेरिका में जल्द बैठकें होने का संकेत दिया।
यह अदला-बदली मानवीय राहत तो देती है, पर राजनीतिक गतिरोध बरकरार है। युद्धग्रस्त इलाकों में संघर्ष जारी है, ऐसे में कूटनीति की यह छोटी जीत बड़ी उम्मीद जगाती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब व्यापक समझौते की दिशा में प्रयास तेज करने होंगे।