
मॉस्को। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों को रूस ने बिना किसी उकसावे के गैर-जिम्मेदाराना कदम करार दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने रविवार को बयान जारी कर दोनों देशों से सैन्य कार्रवाई रोककर कूटनीतिक संवाद की राह अपनाने की अपील की है। मंत्रालय का कहना है कि ये हमले क्षेत्र को और अधिक अस्थिर बना सकते हैं और स्थिति को राजनीतिक हल की ओर मोड़ना जरूरी है।
विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन घटनाओं का निष्पक्ष मूल्यांकन करने को कहा। रूस ने दोहराया कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून, पारस्परिक सम्मान और संतुलित हितों के आधार पर शांतिपूर्ण समाधान के लिए सहयोग करने को तैयार है। शनिवार को मध्य पूर्व में हुए मिसाइल हमलों के बाद तनाव चरम पर है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर वीडियो संदेश देकर इरान के लोगों के प्रति एकजुटता जताई। दोनों ने इसे आतंकवाद से दुनिया को बचाने के लिए ‘प्रिवेंटिव अटैक’ बताया। इजरायल ने अभियान को ‘ऑपरेशन लायन्स रोर’ नाम दिया, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई को ‘एपिक फ्यूरी’ कहा।
इजरायली सेना आईडीएफ ने पहले हमलों का फुटेज जारी किया, जिसमें पश्चिमी ईरान के सैकड़ों सैन्य ठिकानों और लॉन्चरों पर सफल प्रहार दिखाए गए। ईरान के पब्लिक टेलीग्राम चैनलों पर वायरल वीडियो-तस्वीरों में इमारतों पर धुंधला धुआं, जमीन पर हड़बड़ी और जेटों की गर्जना दर्ज हुई। इससे तेहरान पर भी हमले के संकेत मिलते हैं। ईरान की आईआरएनए ने बताया कि हमलों में एक स्कूल पर प्रहार से 40 छात्राओं की मौत हो गई।
रूस का यह बयान वैश्विक स्तर पर अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई पर सवाल उठाता है। कूटनीति की वकालत करते हुए मॉस्को ने क्षेत्रीय शांति के लिए संवाद को единственный रास्ता बताया है।