
मॉस्को ने अमेरिकी नेतृत्व वाले बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में हिस्सा न लेने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय की ओर से गुरुवार को यह घोषणा की गई, जो वैश्विक शांति प्रयासों में रूस की सतर्कता को दर्शाती है।
प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने मीडिया से कहा, ‘रूस आगामी बोर्ड ऑफ पीस बैठक में भाग नहीं लेगा।’ तास न्यूज एजेंसी के अनुसार, मंत्रालय इस संगठन पर अपनी स्थिति का गहन अध्ययन कर रहा है।
यह बयान 19 फरवरी को प्रस्तावित बैठक से ठीक पहले आया है। विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पहले ही संकेत दिया था कि मॉस्को पश्चिमी और पूर्वी देशों की प्रतिक्रियाओं का मूल्यांकन कर रहा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य भी शामिल हैं।
ट्रंप ने पिछले महीने दावोस में इसकी शुरुआत की थी। उन्होंने चार्टर पर हस्ताक्षर कर इसे विश्व युद्धों को समाप्त करने का बड़ा कदम बताया। गाजा के पुनर्वास पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि भौगोलिक स्थिति इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है।
‘मैं रियल एस्टेट का विशेषज्ञ हूं, सब कुछ लोकेशन पर निर्भर करता है,’ उन्होंने कही। ‘समुद्र तट पर इस शानदार जगह को देखिए, यह लाखों लोगों के लिए क्या कर सकती है।’
जनवरी में पुतिन ने फ्रीज संपत्तियों से एक अरब डॉलर दान देने का विचार जताया था, लेकिन अब रूस स्पष्ट रूप से दूरी बना रहा है। यह कदम भू-राजनीतिक तनावों को उजागर करता है।