
मॉस्को। रूस ने जासूसी के गंभीर आरोप लगाते हुए ब्रिटिश दूतावास के एक अधिकारी को देश से बाहर करने का आदेश जारी किया है। फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) के अनुसार, मॉस्को में ब्रिटिश दूतावास में तैनात सचिव गैरेथ सैमुअल डेविस ब्रिटेन की गुप्तचर एजेंसियों के लिए काम कर रहे थे। यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ब्रिटेन की मदद से रूसी टैंकर जब्त करने के ठीक बाद की गई है।
विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन के चार्ज डी’अफेयर्स डाने ढोलकिया को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रूसी सरजमीं पर ब्रिटिश खुफिया तंत्र की गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।
रूस और ब्रिटेन के बीच वर्षों से तनाव चरम पर है। जासूसी के संदेह में आपसी रूप से राजनयिकों को निकालना आम बात हो गई है। रूसी पक्ष का मानना है कि ब्रिटेन जानबूझकर शत्रुता को लंबा खींच रहा है ताकि रूस का मुकाबला किया जा सके।
हालिया घटना अमेरिका के रूसी टैंकर मैरिनेरा (बेला-1) पर कब्जे से जुड़ी है, जिसमें तेल तो नहीं था लेकिन विवाद खूब पैदा हुआ। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने सोशल मीडिया पर चालक दल के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की घोषणा की। रूस ने अपने नागरिकों के मानवाधिकारों का सम्मान करने और शीघ्र रिहा करने की मांग की है।
वेनेजुएला के साथ अमेरिका का विवाद भी जारी है। ये घटनाएं वैश्विक कूटनीति में बढ़ते तनाव को दर्शाती हैं, जहां छोटी चिंगारियां बड़े संघर्ष का रूप ले सकती हैं। रूस ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सख्त रुख अपनाने का संकल्प जताया है।