
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। यूक्रेन ने दावा किया कि रूस के हालिया हाइपरसोनिक मिसाइल हमले में कीव में स्थित कतर के दूतावास को नुकसान पहुंचा, लेकिन मॉस्को ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उनकी सेना ने कभी भी राजनयिक प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाया।
9 जनवरी को पश्चिमी यूक्रेन में पोलैंड की सीमा के निकट रूस ने ओरेश्निक हाइपरसोनिक मिसाइल दागी, जो एक साल से अधिक समय बाद पहली बार इस्तेमाल हुई। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने इसे वियना संधि का घोर उल्लंघन बताते हुए रूस की बर्बरता की कड़ी निंदा की और कतर व खाड़ी देशों से कूटनीतिक जवाब की मांग की।
रूस ने पलटवार करते हुए कहा कि दूतावास के आसपास कोई सैन्य लक्ष्य नहीं था, इसलिए कोई नुकसान यदि हुआ तो वह यूक्रेनी हवाई रक्षा प्रणाली की खराबी का परिणाम है। कतर को दोस्त और महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए मॉस्को ने यूक्रेनी मीडिया के दावों को झूठा प्रचार करार दिया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले में मोबाइल मध्यम दूरी की ओरेश्निक प्रणाली सहित लंबी दूरी के सटीक हथियारों का प्रयोग किया गया। हालांकि लक्ष्यों की पुष्टि नहीं की गई। यह हमला पिछले महीने राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर कथित यूक्रेनी हमले के जवाब में बताया जा रहा है, जिसे कीव ने नकारा था।
यह घटना युद्ध में राजनयिक मिशनों की सुरक्षा और प्रचार युद्ध को उजागर करती है। कतर की प्रतिक्रिया भविष्य की कूटनीति को प्रभावित कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों के दावों पर नजर रखे हुए है।