
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो रविवार से दो दिनों के महत्वपूर्ण दौरे पर पूर्वी यूरोप रवाना हो रहे हैं। स्लोवाकिया और हंगरी का यह दौरा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यूरोपीय मित्र देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित है। इन देशों के नेता यूरोपीय संघ से दूरी बनाए हुए हैं और अमेरिकी नीतियों के प्रति सहयोगी रुख अपनाए हुए हैं।
विदेश विभाग ने पिछले सप्ताह इस यात्रा का ऐलान किया था। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के बाद रुबियो पहले ब्रातिस्लावा पहुंचेंगे, जहां स्लोवाक सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद बुडापेस्ट में हंगरी के शीर्ष नेताओं से द्विपक्षीय हितों को सशक्त बनाने पर चर्चा होगी।
चर्चा का दायरा ऊर्जा सहयोग, नाटो की मजबूती और वैश्विक विवादों के शांतिपूर्ण समाधान तक फैला हुआ है। रुबियो ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि ये देश अमेरिका के साथ घनिष्ठ सहयोग करते हैं और यह उनसे मिलने का सुनहरा अवसर है। ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के नाते उनकी यह यात्रा और भी रणनीतिक महत्व रखती है।
ब्रातिस्लावा में स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से मुलाकात होगी, जो हाल ही में फ्लोरिडा में ट्रंप से मिले थे। हंगरी में ऊर्जा साझेदारी को नई गति देने पर जोर रहेगा। यह दौरा अमेरिका की पूर्वी यूरोप में मजबूत उपस्थिति का प्रतीक है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और साझा हितों को बढ़ावा देगा।