
जर्मनी के म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिका को यूरोप की ‘संतान’ करार दिया। 14 फरवरी को दिए गए अपने भाषण में उन्होंने ट्रांस-अटलांटिक संबंधों के अंत की किसी भी संभावना को सिरे से खारिज कर दिया। सभागार में मौजूद विश्व नेताओं ने उनके स्वागत में खड़े होकर तालियां बजाईं। रुबियो ने कहा, ‘हमारा घर पश्चिमी गोलार्ध में है, लेकिन हम हमेशा यूरोप की संतान बने रहेंगे।’
उन्होंने साझा इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि अमेरिका की नींव इतालवी खोजकर्ता से पड़ी, अंग्रेजों ने कॉलोनियां बसाईं और स्कॉटिश, आयरिश व जर्मन प्रवासियों ने इसे मजबूत किया। डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका वैश्विक पुनरुत्थान का नेतृत्व करेगा, लेकिन यूरोप के बिना नहीं। ‘हम चाहते हैं कि हमारे सहयोगी शर्म की बेड़ियों से मुक्त हों।’
रुबियो ने डीइंडस्ट्रियलाइजेशन को युद्धोत्तर भ्रम का मूर्खतापूर्ण परिणाम बताया, जो अनावश्यक था। बड़े पैमाने पर प्रवासन को उन्होंने पश्चिमी समाजों के लिए घातक बताया, जो सभ्यता के अस्तित्व को खतरे में डाल रहा है। ‘यूरोप मजबूत बने, जीवित रहे- यही हमारी कामना है।’
अमेरिका अकेले आगे बढ़ सकता है, लेकिन यूरोपीय मित्रों के साथ साझेदारी पसंद है। यह सम्मेलन हर साल वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा का प्रमुख मंच होता है, जहां रुबियो का संदेश एकता और सतर्कता का प्रतीक बना।