
काठमांडू। नेपाल की राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने अपने चुनावी घोषणापत्र में राजतंत्र की वापसी और हिंदू राष्ट्र की स्थापना की जोरदार मांग उठाई है। पार्टी अध्यक्ष राजेंद्र लिंगदेन ने शनिवार को केंद्रीय कार्यालय में इस मेनिफेस्टो को जारी किया, जिसमें ‘पृथ्वी पथ’ को राष्ट्र निर्माण का मूल मंत्र बताया गया है।
यह घोषणापत्र धर्मनिरपेक्षता को समाप्त कर वैदिक सनातन धर्म आधारित हिंदू राष्ट्र की वकालत करता है। संघीय प्रांतीय ढांचे को खत्म कर केंद्र और स्थानीय स्तर का दो-स्तरीय शासन प्रस्तावित है। चुनावी सुधार, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सुशासन पर बल दिया गया है।
5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए तैयार इस दस्तावेज में आर्थिक परिवर्तन के छह स्तंभों का जिक्र है। पूर्व-पश्चिम महेंद्र राजमार्ग को तीन साल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने और अगले दशक को ऊर्जा उत्पादन का दौर घोषित करने का वचन है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘हम कुचल जाएंगे, भ्रष्ट नहीं होंगे’ का नारा बुलंद किया गया है। 1990 के बाद नेताओं व अधिकारियों की संपत्ति जांच और अवैध धन जब्ती के लिए कानून बनाने का प्रस्ताव है। जाति भेदभाव, छुआछूत व धार्मिक भेदभाव को अपराध घोषित करने का संकल्प लिया गया है। सभी धर्मों के सम्मान की रक्षा कर धार्मिक समानता सुनिश्चित करने का दावा है।
राजनीतिक स्थिरता, अच्छा शासन, आर्थिक प्रगति व सामाजिक न्याय से समृद्ध नेपाल बनाने का विजन पेश किया गया है।