
वाशिंगटन में ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी नई आहार दिशानिर्देशों ने स्वास्थ्य जगत में उत्साह की लहर दौड़ा दी है। चिकित्सा संगठन, किसान समूह और स्वास्थ्यप्रेमी ‘असली भोजन’ को पोषण नीति का केंद्र बनाने पर एकजुट होकर सराहना कर रहे हैं।
ये दिशानिर्देश साबुत अनाज, ताजी सब्जियां-फल और कम प्रोसेस्ड प्रोटीन को प्राथमिकता देते हैं, जबकि अतिरिक्त चीनी, परिष्कृत कार्ब्स और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड उत्पादों पर पाबंदी की सलाह देते हैं। इसका लक्ष्य मोटापा, मधुमेह व हृदय रोग जैसी लाइलाज बीमारियों पर अंकुश लगाना है।
अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. बॉबी मुक्कामाला ने कहा कि ये वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित हैं और प्रोसेस्ड भोजन, मीठे ड्रिंक्स व अतिनमक पर सीधी चोट करते हैं। वे पहले भारतीय मूल के नेता हैं और ‘भोजन ही दवा’ का संदेश दे रहे हैं।
बच्चों पर विशेष ध्यान आकर्षित कर रहा है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के एंड्रयू रैसीन ने स्तनपान, ठोस आहार प्रारंभ, कैफीन से परहेज और चीनी सीमा पर जोर की प्रशंसा की।
हृदय रोग विशेषज्ञों ने फल-सब्जी, साबुत अनाज, नट्स, मछली, अंडे व जैतून तेल जैसे स्रोतों से स्वस्थ वसा ग्रहण की सिफारिश का स्वागत किया। अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के क्रिस्टोफर क्रेमर ने प्रोसेस्ड जंक कम करने पर खुशी जताई।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और हॉस्पिटल एसोसिएशन ने भी पुरानी सलाह से मेल खाने वाली इन नीतियों का समर्थन किया। स्टेसी ह्यूज ने पोषण को रोग निवारण का आधार बताया।
किसानों ने खुशी मनाई। अमेरिकन फार्म ब्यूरो के जिप्पी डुवैल ने प्रोटीन, डेयरी व ताजे उत्पादों पर फोकस का अभिनंदन किया। मांस-डेयरी समूहों ने संपूर्ण प्रोटीन की मान्यता पर ताली बजाई।
पर्यावरण समूहों व विशेषज्ञों ने अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन पर चेतावनी को जनस्वास्थ्य विजय कहा। बच्चों के आहार, एलर्जी न्यूनीकरण, शराब सीमा व दाल-अंडा जैसे पोषक तत्वों पर जोर सराहनीय है।
राजनीतिक नेता सारा हकाबी सैंडर्स व केविन स्टिट ने स्वास्थ्य प्राथमिकता व मांस-डेयरी महत्व पर तारीफ की। हर पांच साल एचएचएस व यूएसडीए द्वारा अपडेट ये दिशानिर्देश स्कूल भोजन व सरकारी योजनाओं को निर्देशित करते हैं।
