
एनापोलिस में 23 जनवरी को मैरीलैंड राज्य विधानसभा भवन में एशिया से विश्वव्यापी रामायण के प्रसार पर आधारित एक दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस समारोह में राज्य के विधायक, राजनयिक और समाज के प्रमुख व्यक्ति उपस्थित हुए, जो अमेरिकी धरती पर प्राचीन भारतीय महाकाव्य की गूंज को दर्शाता है।
मैरीलैंड की प्रतिनिधि वू चाओ ने कहा कि यह प्रदर्शनी संस्कृति की एकजुट करने वाली शक्ति को उजागर करती है। उनके अनुसार, यह विभिन्न देशों और पृष्ठभूमियों के लोगों के बीच समझ पैदा करती है तथा राजनीतिक मतभेदों को कम करती है। चाओ ने जोर देकर कहा, ‘यह विविधता को मजबूत बनाती है और आपसी संवाद को बढ़ावा देती है।’
प्रतिनिधि हैरी भंडारी ने रामायण को जीवन दर्शन का खजाना बताया, जो चरित्र निर्माण, बलिदान, पारिवारिक मूल्य, विनम्रता और अहंकार त्याग की शिक्षा देता है। आज के जटिल सामाजिक परिवेश में ये उपदेश अत्यंत प्रासंगिक हैं।
सेना के पूर्व सदस्य माइक रोजर्स ने एशियाई यात्राओं के अनुभव साझा करते हुए कहा कि मतभेदों से कहीं अधिक समानताएं हैं। साझा परंपराओं का आदर विश्व को बेहतर बनाता है।
नेपाल दूतावास की अरुणा घिसिंग ने बचपन की रामायण धारावाहिक यादें ताजा कीं और गुयाना जैसे दूरस्थ देशों से इसके संबंध पर आश्चर्य जताया। उन्होंने इसे सांस्कृतिक उत्सव करार दिया।
आयोजकों का उद्देश्य विधायकों को रामायण की एशियाई सभ्यता से जुड़ी व्यापकता से परिचित कराना था। हिंदूएक्शन के उत्सव चक्रवर्ती ने मैरीलैंड के हिंदू, थाई, वियतनामी आदि समुदायों का उल्लेख किया तथा विधायकों की सीमित जानकारी पर चिंता व्यक्त की।
डॉ. विद्या सथियामूर्ति ने प्रदर्शनी को मैरीलैंड लाने में योगदान दिया। 11 देशों के प्रतिनिधित्व वाले इस प्रदर्शनी ने रामायण के 16 से अधिक देशों में प्रासंगिकता को रेखांकित किया, जो एकता, कर्तव्य और परिवार के संदेश देती है।
यह आयोजन सांस्कृतिक कूटनीति का बेहतरीन उदाहरण है।