
दोहा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर कतर ने गंभीर चेतावनी जारी की है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यदि तनाव और बढ़ा तो पूरे क्षेत्र और उसके परे विनाशकारी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यह बयान वाशिंगटन द्वारा ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर सरकारी दमन के जवाब में हमले की धमकी के बाद आया है।
अल-अंसारी ने स्पष्ट कहा, ‘हमें पता है कि तनाव बढ़ने से विनाशकारी नतीजे होंगे, इसलिए हम इसे हर हाल में रोकना चाहते हैं।’ उन्होंने कूटनीतिक समाधान पर भरोसा जताते हुए बताया कि कतर सभी पक्षों, पड़ोसियों और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण हल निकालने में जुटा है।
जून में ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने कतर स्थित अल उदीद सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागी थीं। कतर ने तत्काल मध्यस्थता की और वाशिंगटन-तेहरान के बीच जल्द समझौता कराया।
ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई क्रूर कार्रवाई पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हवाई हमलों पर विचार करने की बात कही। जवाब में ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबाफ ने अमेरिकी सेना को वैध निशाना बताया।
नॉर्वे की संस्था ईरान ह्यूमन राइट्स ने 648 मौतों की पुष्टि की, जबकि रॉयटर्स के अनुसार आंकड़ा 2 हजार से अधिक है। वाशिंगटन का कहना है कि कूटनीति का रास्ता खुलेगा और ईरान ने ट्रंप के दूत से नरम रवैया अपनाया है।
कतर की यह अपील क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण है, जो बड़े संघर्ष को रोकने में सफल साबित हो सकती है।