
वारसा, 19 फरवरी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने देशवासियों से ईरान छोड़ने की तत्काल अपील की है। जिलोंका शहर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हथियारबंद संघर्ष की आशंका के कारण कुछ ही घंटों में वहां से बाहर निकलना असंभव हो सकता है। ‘कृपया ईरान तुरंत छोड़ दें… किसी भी स्थिति में वहां न जाएं,’ टस्क ने कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य डराना नहीं है, बल्कि वास्तविक खतरे की ओर इशारा करना है। ‘हम सब जानते हैं कि बात क्या है। युद्ध का जोखिम है।’ पोलैंड सरकार ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों की संख्या का खुलासा नहीं किया है, लेकिन विदेश मंत्रालय से जल्द दिशानिर्देश जारी होने की उम्मीद है।
टस्क ने अतीत के बुरे अनुभवों का हवाला देते हुए अपील को गंभीरता से लेने को कहा। वैश्विक मीडिया में छाई ईरान-अमेरिका टकराव की खबरों के अनुसार, इस सप्ताह अमेरिकी हमले की संभावना है, जिसकी अंतिम मंजूरी राष्ट्रपति ट्रंप को देनी है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, मध्य पूर्व में अमेरिका ने 2003 के इराक युद्ध के बाद अपनी सबसे बड़ी वायुसेना तैनात की है, जिसमें एफ-35, एफ-22 जैसे उन्नत जेट शामिल हैं। एक्सियोस की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोई सैन्य अभियान हफ्तों चल सकता है, जो ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर केंद्रित होगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एनपीटी के तहत शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के अधिकार पर अडिग रहने की बात कही। ये घटनाक्रम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरे की घंटी बजा रहे हैं। पोलैंड की यह सतर्कता नागरिक सुरक्षा की मिसाल पेश कर रही है।