
नई दिल्ली। पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की ने शुक्रवार को भारत को एक प्रमुख आर्थिक शक्ति करार दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से तीसरी पायदान पर पहुंचने की राह पर अग्रसर भारत को किसी भी देश के लिए अनदेखा करना कठिन है। 1.5 अरब आबादी वाला यह विशाल बाजार वैश्विक पटल पर अपरिहार्य है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) किसी डील न होने से बेहतर है। टैरिफ समृद्धि नहीं लाते, क्योंकि ये लागत उपभोक्ताओं पर ही लाद देते हैं। कम शुल्क ही सभी के हित में है।
पोलैंड-भारत व्यापार में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) क्षेत्र प्रमुख है, जो भारत की जीडीपी का 9 प्रतिशत है जबकि पोलैंड की 7 प्रतिशत। ई-गवर्नेंस में दोनों उन्नत हैं। पोलैंड में अधिकांश सरकारी काम डिजिटल माध्यम से होते हैं।
सैन्य प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ रहा है, जिसमें संयुक्त उत्पादन और ‘मेक इन इंडिया’ शामिल। हरित प्रौद्योगिकी पर चर्चा में जल शोधन उल्लेखनीय है—मुंबई में पोलिश कंपनी सीवेज प्रबंधन कर रही।
पोलैंड कोयले से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ रहा—परमाणु संयंत्र, छोटे रिएक्टर, अपतटीय पवन ऊर्जा, बायोगैस। कृषि निर्यात का 50 प्रतिशत है, जो बायोगैस के लिए उपयोगी। भारत के ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा संग्रहण में रुचि। कोयला खनन में भी सहयोग संभव।
ये क्षेत्र वैश्विक साझेदारी को मजबूत बनाएंगे।