
केरल के एर्नाकुलम में एक विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने लाखों भारतीयों के भविष्य को लेकर लोगों की व्यग्रता को समझा और सरकार की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने कहा, “वेस्ट एशिया में हो रही घटनाओं से सभी की चिंता होना स्वाभाविक है। वहां हमारे लाखों भाई-बहन कमाई कर रहे हैं। संकट के समय हमारी सरकार पूर्ण शक्ति से उन्हें सुरक्षित लाने का प्रयास करती है। आज का भारत अपने नागरिकों को कभी अकेला नहीं छोड़ता।”
सरकार ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं—खाना, दवा, आवास और कानूनी सहायता। दूतावास रात-दिन सेवा में लगे हैं। गल्फ देशों की सराहना करते हुए मोदी ने कहा, “मुझे खुशी है कि हमारे गल्फ मित्र हमारे देशवासियों का पूरा ध्यान रख रहे हैं। सभी सरकारों का मैं हृदय से आभारी हूं।”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट में भी विपक्ष राजनीति कर रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को रेखांकित करते हुए पीएम ने बताया कि गल्फ युद्ध ने ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में स्वावलंबन की जरूरत दोहराई है। कोरोना और यूक्रेन संकट के बाद यह तीसरी सीख है।
सभा में मोदी का संदेश गूंजा, जो देश की एकजुटता और मजबूती का प्रतीक बना।