
कुआलालंपुर, 7 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे ने दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई दी। एयरपोर्ट पर मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम, मानव संसाधन मंत्री रामनन रामकृष्णन और उपविदेश मंत्री लुकानिसमान बिन अवांग सौनी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सांस्कृतिक नृत्यों ने साझा विरासत को उजागर किया।
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को विकास का भरोसेमंद साथी माना जाता है। ब्रिटेन से यूएई, ऑस्ट्रेलिया से अमेरिका तक ट्रेड डील्स इसका प्रमाण हैं। ‘भरोसा हमारी सबसे मजबूत करेंसी है।’ अनवर इब्राहिम भी समारोह में उपस्थित रहे।
पीएम ने ‘आईएमपीएसीटी’ को रिश्तों का मार्गदर्शक शब्द बताया – भारत-मलेशिया पार्टनरशिप फॉर एडवांसिंग कलेक्टिव ट्रांसफॉर्मेशन। ‘भारत की जीत मलेशिया की जीत है, एशिया की जीत।’ 2024 में बने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना इस दौरे का उद्देश्य है, जो एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा है।
दुनिया के दूसरे सबसे बड़े भारतीय मूल के समुदाय की सराहना करते हुए मोदी ने ‘मन की बात’ में उनके योगदान का जिक्र किया। 500 से अधिक स्कूली बच्चों को भारतीय भाषाएं सिखाने का उल्लेख किया। तमिल समुदाय की सदियों पुरानी सेवा पर गर्व जताया। मलाया यूनिवर्सिटी में तिरुवल्लुवर चेयर और नया सेंटर बनाने की घोषणा की।
‘मलय मित्रों को साथ जोड़ें, लोगों का संपर्क दोस्ती की बुनियाद है।’ जल्द नया वाणिज्य दूतावास और ओसीआई कार्ड की पात्रता छठे पीढ़ी तक बढ़ाने की खुशखबरी दी। ये कदम रिश्तों को और करीब लाएंगे।