
नई दिल्ली में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। भारत एआई इम्पैक्ट समिट के अवसर पर हुई इस मुलाकात में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर विस्तृत बातचीत हुई।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-यूएई के गहन ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया। विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति पर संतुष्टि जाहिर करते हुए उन्होंने एआई में साझेदारी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। यह चर्चा दोनों देशों की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को दर्शाती है।
क्राउन प्रिंस बुधवार रात नई दिल्ली पहुंचे, जहां केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने उनका स्वागत किया। मंत्रालय की सोशल मीडिया पोस्ट में भारत और यूएई को उन्नत प्रौद्योगिकी के विश्वसनीय साझेदार बताया गया, जो एआई के जरिए साझा भविष्य गढ़ रहे हैं।
भारत मंडपम में पीएम मोदी ने समिट-2026 का उद्घाटन किया। विश्व नेताओं, तकनीकी विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए उन्होंने ग्लोबल साउथ के लिए इस आयोजन को गौरवपूर्ण बताया। तेजी से बदलती तकनीक में एआई के जिम्मेदार उपयोग पर बल दिया।
“यह दुनिया का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन है, जहां भारत एक छठाई आबादी, युवा ऊर्जा और तकनीकी केंद्र के रूप में उभर रहा है,” मोदी ने कहा। 140 करोड़ भारतीयों की ओर से सभी का स्वागत किया। भाषण के दौरान एआई-संचालित सांकेतिक भाषा व्याख्या दिखाई गई, जो प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक पक्ष को रेखांकित करती है।
ग्लोबल साउथ का पहला ऐसा प्रमुख समिट कई राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों और एआई क्षेत्र के नीति-निर्माताओं को एकजुट कर रहा है। यह मुलाकात भारत-यूएई संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत देती है।