
गांधीनगर में सोमवार को महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर पर विस्तृत वार्ता की। यह मुलाकात दोनों देशों के 25 वर्ष पुराने रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग विस्तार के उद्देश्य से आयोजित हुई।
बातचीत में व्यापार-निवेश, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कौशल विकास और गतिशीलता पर गहन चर्चा हुई। रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान-अनुसंधान, हरित विकास तथा जन-जन संबंधों को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
इससे पूर्व साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में दोनों नेताओं ने शिरकत की। पारंपरिक गुजराती स्कार्फ और उत्साहपूर्ण वातावरण में स्वागत किया गया, जहां स्थानीय कलाकारों ने नृत्य व लोक संगीत से जर्मन नेता का अभिनंदन किया।
पतंग उड़ाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ संदेश वाली विशेष पतंग छोड़ी, जो विश्व को एक परिवार मानने की भारतीय अवधारणा को प्रतिबिंबित करती है। तिरंगा, देवी-देवता तथा नेताओं के चित्र वाली पतंगों ने आकाश सजाया, नदी तट पर उमड़ी भारी भीड़ ने भारत-जर्मन झंडे लहराए।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों से संवाद के दौरान पीएम मोदी ने उत्तरायण के सांस्कृतिक महत्व से चांसलर मर्ज को अवगत कराया। साबरमती आश्रम जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धा अर्पित की, प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विजिटर्स बुक में विचार दर्ज किए।
यह यात्रा भारत-जर्मनी संबंधों को सशक्त बनाने और सांस्कृतिक पुल बांधने का प्रतीक बनी।