
यरूशलम में एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना जब इजरायल की संसद नेसेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सबसे बड़ा सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ प्रदान किया। बुधवार को दिए गए इस सम्मान से मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए जिन्हें यह गौरव प्राप्त हुआ है।
भारत-इजरायल के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने वाले योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया गया। सम्मान मिलने पर पीएम मोदी ने नेसेट का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया और दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का जिक्र किया।
सदन को संबोधित करते हुए मोदी ने बताया कि भारतीय संसद ने इजरायल के लिए विशेष संसदीय मित्रता समूह गठित किया है। उन्होंने सभी सदस्यों को भारत भ्रमण के लिए न्योता दिया और विधायकों के बीच बढ़ती संवाद की अपेक्षा जताई।
आर्थिक मोर्चे पर पीएम ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है और शीघ्र टॉप तीन में शामिल हो जाएगा। व्यापार वृद्धि, निवेश प्रवाह और संयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों प्राचीन सभ्यताओं की समानताओं पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने इजरायल के ‘टिक्कुन ओलम’ और भारत के ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का उल्लेख किया। ये दर्शन सीमाओं से परे जिम्मेदारी सिखाते हैं।
यह सम्मान रक्षा, तकनीक और नवाचार क्षेत्रों में गहरे सहयोग का प्रतीक है, जो वैश्विक चुनौतियों के बीच दोनों देशों की एकजुटता दर्शाता है।