
गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने द्विपक्षीय चर्चाओं के बाद एक महत्वपूर्ण साझा बयान जारी किया। महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में मीडिया को संबोधित करते हुए दोनों ने तकनीक, रणनीति और अर्थव्यवस्था में संबंधों को सशक्त बनाने पर बल दिया। आतंकवाद को मानवता के लिए बड़ा खतरा बताते हुए दोनों नेताओं ने इसके खिलाफ संयुक्त संघर्ष का संकल्प दोहराया।
चांसलर मर्ज का गुजराती परंपरा से स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत जर्मनी के साथ अपनी मित्रता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने को कटिबद्ध है। ‘आवकारो मिठो आपजे रे’ के भाव से उनका हार्दिक स्वागत किया गया। दोनों की मौजूदगी में भारत-जर्मनी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।
पीएम ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से पार पाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसे संस्थानों में सुधार जरूरी है। जी4 के जरिए हमारा साझा प्रयास इसी दिशा में है। चांसलर की यह यात्रा ऐतिहासिक है, जो रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष के जश्न के बीच हो रही है।
ये उपलब्धियां केवल वर्षगांठें नहीं, बल्कि परस्पर विश्वास और मजबूत सहयोग के प्रतीक हैं। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं का घनिष्ठ सहयोग पूरी दुनिया के हित में है। नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में हमारी तकनीकी साझेदारी जमीन पर दिख रही प्रगति का प्रमाण है। यह शिखर बैठक भारत-जर्मनी संबंधों को नई दिशा देगी।