
बोंडी बीच के भयानक आतंकी हमले के सदमे से उबरते हुए ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने सोमवार को ऐलान किया कि संसद को जल्द बुलाकर नफरत भरी भाषा और बंदूक नियंत्रण के सख्त कानून लाए जाएंगे।
कैनबरा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम ने बताया कि दोनों सदन 19 और 20 जनवरी 2026 को बैठक करेंगे, जो निर्धारित फरवरी की तारीख से काफी पहले है। यह कदम हमले के पीछे छिपे यहूदी-विरोधी भाव और कट्टरता को कुचलने के लिए है। उन्होंने कहा, “आतंकियों के दिल में नफरत थी, हाथों में बंदूकें—यह बिल दोनों का मुकाबला करेगा।”
बिल में नफरत अपराधों के लिए कठोर सजाएं, युवाओं को कट्टर बनाने की साजिश को अपराध घोषित करना, समाज-विरोधी प्रतीकों पर प्रतिबंध और बंदूक लाइसेंस की मजबूत प्रक्रिया शामिल है।
पास होने पर गृह मंत्री को नफरत फैलाने वालों के वीजा रद्द करना आसान हो जाएगा और वे घृणा संगठनों को प्रतिबंधित सूची में डाल सकेंगे। बहस से पहले पीड़ितों के लिए शोक प्रस्ताव लाया जाएगा।
इसके साथ राष्ट्रीय बंदूक खरीद योजना शुरू होगी, जो अवैध हथियारों को देश से हटाने का लक्ष्य रखती है।
अल्बानीज ने जोर देकर कहा, “हम ऐसा ऑस्ट्रेलिया बनाना चाहते हैं जहां हर व्यक्ति अपनी पहचान पर गर्व करे, लेकिन नफरत, खतरा और विभाजन बर्दाश्त नहीं होंगे।”
इससे पहले 8 जनवरी को उन्होंने यहूदी-विरोधी भावना और सामाजिक एकता पर रॉयल कमीशन गठित किया था, जो देश की सबसे गहन जांच का माध्यम है।
यह पहल सरकार की सुरक्षा और एकता की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।