
नई दिल्ली में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लिकटेंस्टीन की उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मामलों की मंत्री सबाइन मोनाउनी के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाना था।
मंत्री गोयल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि चर्चा का केंद्र व्यापार विस्तार, नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के अवसरों पर रहा। भारत-ईएफटीए टीईपीए के कार्यान्वयन के बाद पारस्परिक लाभकारी संबंधों को गहरा करने पर जोर दिया गया।
गोयल ने इस अनोखी साझेदारी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत प्रतिभा, अपार संभावनाओं और बाजार मांग लेकर आता है, जबकि लिकटेंस्टीन उच्च गुणवत्ता वाले विनिर्माण और विशेष इंजीनियरिंग में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करता है। इससे व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी प्रवाह में तेजी आएगी।
भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) जिसमें स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं, एक अक्टूबर से औपचारिक रूप से लागू होगा। इस तहत ईएफटीए ने 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है, जो भारत में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा।
गोयल यूरोप यात्रा पर हैं और ब्रुसेल्स में दो दिवसीय व्यापार वार्ता में भाग लेंगे, जो भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह यात्रा नई दिल्ली-ब्रुसेल्स के बढ़ते राजनयिक संबंधों को दर्शाती है।
वे यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक से उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे। इसका लक्ष्य वार्ता टीमों को दिशा देना, लंबित मुद्दों का निपटारा और संतुलित समझौते को जल्द पूरा करना है।
प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा, ताकि मतभेद कम हों और स्पष्टता आए। यह ब्रुसेल्स में एक सप्ताह की गहन चर्चाओं के बाद हो रही है, जो वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और सबाइन वेयंड के बीच हुई बातों पर आधारित है।
ये प्रयास भारत की व्यापार कूटनीति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।