
पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था चरमरा रही है, जहां खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत जिले में अज्ञात बदमाशों ने एक पुलिस कांस्टेबल का अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। यह घटना देश में बढ़ते आतंकवाद और हिंसा की चिंताजनक तस्वीर पेश करती है।
हादसा सराय नौरंग के पास नसरखेल क्षेत्र में दरगा जंगल के आसपास हुआ। जिला पुलिस के प्रवक्ता कुदरतुल्लाह के अनुसार, कांस्टेबल हंगू ट्रेनिंग स्कूल में इलाजरत थे, लेकिन अपहरणकर्ताओं ने उन्हें घर से उठा लिया और मंगलवार रात जंगल में गोली मार दी।
2022 में सरकार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के बीच सीजफायर टूटने के बाद से खैबर पख्तूनख्वा व बलूचिस्तान में हिंसा चरम पर है। हाल ही बलूचिस्तान में पाक सेना व विद्रोहियों के बीच भारी झड़पें हुईं, जिसमें कई जवान शहीद हुए।
इसी तरह 14 जनवरी को बलूचिस्तान के डेरा मुराद जमाली में हेड कांस्टेबल अली गौहर को स्कूल के पास गोली मार दी गई। डॉन न्यूज के अनुसार, वे ड्यूटी पर जा रहे थे जब हमलावरों ने उन पर फायरिंग की।
पीआईपीएस की 2025 सुरक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 699 हमले हुए, जो 2024 से 34 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें 1034 लोग मारे गए और 1366 घायल हुए। संघर्ष संबंधी घटनाएं 43 प्रतिशत बढ़कर 1124 पहुंच गईं, जबकि मौतें 21 प्रतिशत उछलीं।
बलूचिस्तान में अपहरण, हिरासत और न्यायेतर हत्याओं का सिलसिला जारी है। मानवाधिकार संगठन सरकार पर कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं। यह पांच सालों से लगातार बिगड़ती स्थिति पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा है।