
भारत की सरकारी संस्थाओं पर पाकिस्तान प्रायोजित साइबर अभियानों का नया खुलासा हुआ है। साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों ने दो बड़े हमलों—’गोफर स्ट्राइक’ और ‘शीट अटैक’—का पर्दाफाश किया है, जो अभूतपूर्व तरीकों से संचालित हो रहे थे। ज़स्केलर थ्रेटलैब्स ने सितंबर 2025 में इन्हें पहचाना।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, ये APT36 जैसे पाकिस्तानी समूहों से मिलते-जुलते हैं, लेकिन संभवतः नया उपसमूह या समानांतर ग्रुप सक्रिय है। ‘शीट अटैक’ में गूगल शीट्स, फायरबेस और ईमेल को कमांड कंट्रोल के लिए दुर्भावनापूर्ण रूप से इस्तेमाल किया गया।
वहीं ‘गोफर स्ट्राइक’ में फिशिंग ईमेल के जरिए पीडीएफ भेजे गए, जिनमें धुंधली इमेज और फर्जी एडोब अपडेट पॉपअप थे। केवल भारतीय आईपी और विंडोज यूजर्स को ही आईएसओ मैलवेयर मिला, जो ऑटोमेटेड टूल्स को चकमा देता है।
इसके अलावा, पाकिस्तानी हैकर्स ने सरकार और यूनिवर्सिटीज पर जासूसी अभियान तेज कर दिया है। भारत को अब मजबूत साइबर ढांचे, ट्रेनिंग और इंटरनेशनल सहयोग की जरूरत है। ये घटनाएं डिजिटल युद्ध की गंभीरता दर्शाती हैं।