
इस्लामाबाद। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के न्योते को पाकिस्तान ने स्वीकार कर लिया है और गाजा में शांति स्थापना व पुनर्निर्माण के लिए गठित बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की, जो स्थानीय मीडिया में प्रमुखता से छपी।
पिछले सप्ताह ट्रंप प्रशासन द्वारा दिए गए इस निमंत्रण का उद्देश्य युद्धोत्तर गाजा की शासन व्यवस्था और पुनर्वास की निगरानी करना है। यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के तहत काम करेगा।
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ को मिले न्योते के जवाब में पाकिस्तान गाजा शांति योजना के क्रियान्वयन में सहयोग देगा। बयान में स्थायी संघर्षविराम, फिलिस्तीनियों के लिए मानवीय सहायता में वृद्धि तथा गाजा के पुनर्निर्माण पर जोर दिया गया।
पाकिस्तान को उम्मीद है कि ये प्रयास फिलिस्तीनियों के आत्मनिर्णय के अधिकार को साकार करने वाली विश्वसनीय राजनीतिक प्रक्रिया को बढ़ावा देंगे, जो संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप होगी। मंत्रालय ने रचनात्मक भूमिका निभाने का संकल्प जताया।
रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी ड्राफ्ट चार्टर में 60 देशों को भेजे गए दस्तावेजों में तीन साल से अधिक सदस्यता के लिए 1 अरब डॉलर का योगदान अनिवार्य बताया गया। हंगरी, इजरायल और यूएई जैसे कुछ ही देशों ने अब तक हामी भरी है। पाकिस्तान का यह कदम मध्य पूर्व शांति प्रयासों में नई गतिशीलता ला सकता है।