
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू किसान कैलाश कोल्ही की निर्मम हत्या ने अल्पसंख्यक समुदाय में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। मकान मालिक सरफराज निजामानी द्वारा गोली मारकर की गई इस हत्या के बाद हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
घटना इस सप्ताह की शुरुआत में घटी जब आरोपी ने किराएदार कैलाश के सीने में गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हत्या का स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन समुदाय इसे धार्मिक भेदभाव से जोड़ रहा है।
हिंदू संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने केंद्रीय व स्थानीय सरकारों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। वे हत्यारे की तत्काल गिरफ्तारी, हत्या व आतंकवाद के आरोप में मुकदमा और पीड़ित परिवार को पूर्ण सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि सिंध भर में आपातकालीन कदम उठाए जाएं ताकि जानमाल की हिफाजत हो सके। पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद के चेयरमैन शिवा कच्छी ने इस हत्या को क्रूर बताया और सोशल मीडिया पर लिखा, ‘कैलाश का खून इंसाफ की गुहार लगा रहा है। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला है।’
यह घटना तब हुई जब पाकिस्तानी विदेश मंत्री भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के अधिकार बता रहे थे। अब सवाल उठ रहा है कि क्या सिंध सरकार दोषियों को सजा दिलाएगी या अल्पसंख्यकों का गुस्सा और भड़केगा।