
पाकिस्तान की ऊर्जा व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। ईंधन महंगे होने के बीच बलूचिस्तान के सुई गैस क्षेत्र से कराची तक गैस पहुंचाने वाली प्रमुख पाइपलाइन पर विस्फोट हो गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने इस तोड़फोड़ की जिम्मेदारी ले ली है।
बीआरजी के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने बयान जारी कर बताया कि 11 मार्च की शाम सिंध प्रांत के काशमोर के निकट 36 इंच व्यास वाली पाइपलाइन पर उनके लड़ाकों ने विस्फोटक लगाए। इससे सुई से कराची गैस सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई।
ग्रुप ने बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों के शोषण के खिलाफ यह कदम उठाया और ऐसी कार्रवाइयों को निशाना बनाते रहने की चेतावनी दी। दूसरी ओर, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने टंप क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना पर हमले किए।
बीएलएफ प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच के अनुसार, 8 मार्च को अप्सी खान में चेकपोस्ट को घेरकर मोर्टार, स्नाइपर, रॉकेट और ग्रेनेड से हमला किया गया। पहले घंटे में छह सैनिक मारे गए। फिर तीन अन्य पोस्टों पर कार्रवाई में पांच और शहीद हुए।
पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया गया। शव उठाने आई यूनिट पर आईईडी से चार और सैनिक मारे गए। 9 मार्च को तुर्बत के पास दो गैस टैंकरों में आग लगा दी गई। ये घटनाएं बलूच विद्रोह की तीव्रता दर्शाती हैं।