
वाशिंगटन। पाकिस्तान के नियंत्रण वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में दुर्लभ मिट्टी के खनिजों को लेकर तनाव चरम पर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान अब चीन के साथ-साथ अमेरिकी और मध्य एशियाई कंपनियों को भी इस क्षेत्र के संसाधनों के शोषण में शामिल करने की कोशिश कर रहा है।
कजाकिस्तान और इंडोनेशिया ने सोना व तांबे की खदानों में निवेश की इच्छा जताई है। स्थानीय कार्यकर्ता बताते हैं कि क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति और दुर्लभ खनिजों की प्रचुरता ही अस्थिरता का कारण है। पाकिस्तानी सेना बिना मुआवजे के संसाधनों का दोहन कर रही है। गैर-कानूनी भूमि सुधार कानून से प्राकृतिक संपदा का गलत उपयोग हो रहा है।
वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित बाल्टिस्तान स्टडीज के प्रमुख सेंगे सेरिंग ने ग्लोबल स्ट्रैट व्यू में खुलासा किया। तंगीर और आसपास की घाटियां मोनाजाइट, लैंथेनम, नियोडिमियम, थोरियम जैसे तत्वों से भरपूर हैं। चीन के प्रोजेक्ट्स से पाकिस्तान इसे दुर्लभ खनिज हब बनाने पर तुला है।
सेरिंग ने अपील की, ‘स्थानीय एकजुट हों और पाकिस्तानी शोषण से मुक्ति पाएं। यह संघर्ष लद्दाख में भारत के संरक्षण तक ले जाएगा।’ डायमर में आईईडी विस्फोट से एक की मौत, तीन घायल। आतंकी समूह ने सेना पर ‘फूट डालो-राज करो’ का आरोप लगाया।