
वॉशिंगटन। एक नई रिपोर्ट ने चेतावनी भरी है कि पाकिस्तान, विशेष रूप से पीओके में हमास का वैचारिक और लॉजिस्टिक केंद्र उभर रहा है। गाजा में हमास के सैन्य नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के वैश्विक प्रयासों के बीच पाकिस्तान इस संगठन के पुनरुद्धार का केंद्र बनता जा रहा है, जो पश्चिमी हितों के लिए बड़ा खतरा है।
मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान हमास के प्रतिनिधियों को खुली छूट देता है। ये लोग सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेते हैं और स्थानीय आतंकी गुटों से हाथ मिलाते हैं। इससे हमास को कूटनीतिक अलगाव के पश्चिमी प्रयास विफल हो रहे हैं।
रिपोर्ट में उल्लेख है कि 15 जनवरी 2026 को अमेरिका के नेतृत्व में बोर्ड ऑफ पीस की स्थापना हुई, जिसका लक्ष्य गाजा में स्थिरता लाना है। 18 जनवरी को राष्ट्रपति ट्रंप ने पाक पीएम शहबाज शरीफ को अध्यक्ष बनाने का न्योता दिया। लेकिन पाकिस्तान का हमास प्रेम इस निमंत्रण पर सवाल उठाता है।
7 अक्टूबर 2023 के इजरायल हमले के बाद नाजी जहीर की पाकिस्तान में सक्रियता बढ़ी। वे इजरायल विरोधी रैलियों के चेहरे बने और लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों के साथ मंच साझा करते रहे।
खालिद कद्दूमी भी पाकिस्तानी कार्यक्रमों में दिखे, समर्थन जुटाते हुए। पीओके में 5 फरवरी 2025 के कश्मीर एकजुटता दिवस पर पाक सेना, सरकार और जिहादी नेता एक मंच पर थे।
पाकिस्तान की राजनीति में हमास की घुसपैठ बढ़ रही है। रिपोर्ट अमेरिका से पाकिस्तान के प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी दर्जे पर पुनर्विचार की मांग करती है। यह आतंकवाद विरोधी लड़ाई के लिए जरूरी कदम है।