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पाकिस्तान में बच्चों के यौन शोषण का ऑनलाइन-ऑफलाइन खतरा बढ़ा

पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ यौन शोषण की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो डिजिटल दुनिया से लेकर वास्तविक जीवन तक फैल चुकी हैं। संघीय जांच एजेंसी की साइबर क्राइम इकाई ने ब्लैकमेल पर आधारित एक बड़े...

Lok Shakti
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|विदेश|
February 4, 2026
पाकिस्तान में बच्चों के यौन शोषण का ऑनलाइन-ऑफलाइन खतरा बढ़ा
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पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ यौन शोषण की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो डिजिटल दुनिया से लेकर वास्तविक जीवन तक फैल चुकी हैं। संघीय जांच एजेंसी की साइबर क्राइम इकाई ने ब्लैकमेल पर आधारित एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें मुख्य आरोपी के पास 600 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो जब्त हुए।

यह मामला बताता है कि ऑनलाइन स्पेस में अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं, जहां बच्चे और शिकारी दोनों आसानी से पहुंच सकते हैं। प्रमुख अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के संपादकीय ने सरकार से सवाल किया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम क्या हैं? माता-पिता को खतरे के संकेत बताने की जिम्मेदारी किसकी?

ऐसे नेटवर्क ढूंढने के प्रयासों पर भी पारदर्शिता की कमी है। शारीरिक अपराधों में तो सजा मुश्किल है ही, ऑनलाइन अपराधी लोकेशन छिपाकर बच निकलते हैं। दुनिया के कई देशों ने नाबालिगों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध लगाए या शिक्षा में डिजिटल सुरक्षा जोड़ी, लेकिन पाकिस्तान में निजी सावधानी पर ही भरोसा।

साहिल की 2025 की रिपोर्ट में जनवरी-जून के 1956 मामलों में 20% इजाफा दर्ज, जिसमें अपहरण, लापता बच्चे, शोषण और बाल विवाह शामिल। सामाजिक कलंक, बदले का डर और कमजोर कानून रोकते हैं रिपोर्टिंग को। जागरूकता अभियानों से संख्या बढ़ी, लेकिन गरीबी-बेरोजगारी ने कमजोर वर्ग को निशाना बनाया।

समय है मजबूत सरकारी नीति बनाने का, जो व्यक्तिगत प्रयासों से ऊपर हो।

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