
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तर वजीरिस्तान जिले के मीर अली तहसील में स्थित खुशाली गांव में अज्ञात हमलावरों ने रात के सन्नाटे में एक महत्वपूर्ण पुल को विस्फोटकों से ध्वस्त कर दिया। इस घटना से आसपास के क्षेत्र पूरी तरह कट गए हैं, जिससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। उन्होंने इलाके को चारों ओर से घेर लिया और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि पुल के नीचे भारी मात्रा में आईईडी लगाए गए थे, जिसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी।
इस विस्फोट का असर आम जनजीवन पर गहरा पड़ा है। स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीज, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। स्थानीय व्यापार ठप हो गया है, जबकि खेतीबाड़ी की उपज बाजार तक नहीं पहुंच पा रही। वैकल्पिक रास्ते लंबे और खतरनाक होने से परेशानियां और बढ़ गई हैं।
स्थानीय लोगों ने हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने अपराधियों की गिरफ्तारी, पुल का शीघ्र निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ये हमले उनके जीवनरेखा पर प्रहार हैं।
यह घटना हालिया हमलों की कड़ी का हिस्सा है। 15 जनवरी को शेवा तहसील में कुर्रम नदी पर पुल उड़ाया गया था, जिससे मीरानशाह और बन्नू का संपर्क टूट गया। इन लगातार घटनाओं से अशांत जिले में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जांच अधिकारी विस्फोटकों की प्रकृति और संदिग्धों का पता लगा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना मूल कारणों का समाधान किए ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल है।